जयपुर|पश्चिमी राजस्थान की चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। मामला तब और पेचीदा हो गया, जब डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित किए जाने के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावनात्मक पोस्ट सामने आया, जिसे प्रथम दृष्टया ‘सुसाइड नोट’ जैसा माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।पुलिस के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम करीब 5:30 बजे मौत हो गई थी। एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी को उनके पिता और एक युवक निजी कार से पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही साध्वी की मौत हो चुकी थी।डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने साध्वी को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन उनके शरीर में किसी तरह की कोई हलचल नहीं थी। जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। डॉक्टरों ने परिजनों को शव को आगे की कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमॉर्टम के लिए मथुरादास माथुर अस्पताल या महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।हालांकि, अस्पताल प्रशासन के अनुसार साध्वी के पिता ने हॉस्पिटल की एंबुलेंस लेने से इनकार कर दिया। डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस उपलब्ध कराने की पेशकश की थी, लेकिन साध्वी के पिता ने शव को निजी कार से ही ले जाने की बात कही। इसके बाद शव को एमडीएम या एमजीएच ले जाने के बजाय बोरानाडा स्थित आश्रम ले जाया गया।मामले की जानकारी मिलने पर बोरानाडा पुलिस सक्रिय हुई और शव को आश्रम से महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया गया। पुलिस का कहना है कि गुरुवार को पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साध्वी प्रेम बाईसा को बुखार था। बताया जा रहा है कि आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाकर उन्हें इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ गई और वे निढाल हो गईं। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू साध्वी का सोशल मीडिया अकाउंट है। अस्पताल के मुताबिक साध्वी की मौत शाम करीब 5:30 बजे हो चुकी थी, जबकि उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से रात करीब 9:28 बजे एक पोस्ट किया गया। इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।इंस्टाग्राम पोस्ट में साध्वी ने लिखा, “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?” यह पोस्ट भावनात्मक भाषा में लिखा गया है और प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट जैसा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, यह पोस्ट किसने और किन परिस्थितियों में किया, इसको लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पोस्ट साध्वी ने स्वयं पहले से शेड्यूल किया था या फिर उनके निधन के बाद किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया। इसके लिए सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच करवाई जा रही है। साथ ही, साध्वी के पिता, आश्रम से जुड़े लोगों और उस कंपाउंडर से भी पूछताछ की जा रही है, जिसने इंजेक्शन लगाया था।एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि साध्वी की मौत प्राकृतिक थी, लापरवाही का नतीजा थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।