आरटीओ अधिकारी और एजेंट की रिश्वतखोरी पकड़ाई, लोकायुक्त ने की कड़ी कार्रवाई
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले का है जहां आरटीओ ऑफिस में चल रहे रिश्वत के खेल पर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां महिला जिला परिवहन अधिकारी और एजेंट की जोड़ी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया है।
लाइसेंस रिनिवल के एवज में मांगी 30 हजार रिश्वत
शिकायतकर्ता चेतन शर्मा निवासी अंजड़ ने बताया कि उसका भाई परिवार के भरण पोषण के लिए आरटीओ एजेंट के रूप में काम करता है। वो आरटीओ अधिकारी रीना किराड़े से 20-22 लाइसेंस रिनिवल व अन्य कार्य के लिए मिलने पहुंचा तो उन्होंने एजेंट विवेक मलतारे से मिलने और प्रोसेस करने की बात कही। जब हम मलतारे से मिले तो उन्होंने 30 हजार रुपयों की मांग की थी। पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपए का लेन देन तय हुआ था। जिसकी शिकायत उन्होंने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की थी।
रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ाई आरटीओ अधिकारी-एजेंट की जोड़ी
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को रिश्वत के 10 हजार रूपये लेकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। अंजड़ नगर के गायत्री मंदिर के पास जैसे ही एजेंट विवेक मलतारे ने रिश्वत के नोट लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे धरदबोचा। लोकायुक्त की टीम एजेंट को पकड़कर आरटीओ कार्यालय लाई जहां आरटीओ एजेंट के साथ ही जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े को भी आरोपी बनाया गया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से आरटीओ दफ्तर व वहां काम करने वाले एजेंटों में हड़कंप मच गया।
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