कोटा निकाय चुनाव में धनबल का दम, 17 प्रत्याशी करोड़पति
कोटा। नगर निगम चुनाव के तहत नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही सभी 100 वार्डों की चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। चुनावी समर में ताल ठोक रहे उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामों से प्रत्याशियों की माली हालत से जुड़ी कई दिलचस्प बातें उजागर हुई हैं। मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा और कांग्रेस के 17 उम्मीदवार करोड़पति हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में डटे हैं जिनके पास आवागमन के लिए एक दोपहिया वाहन तक उपलब्ध नहीं है।
करोड़पतियों की फेहरिस्त में भाजपा आगे, 12 करोड़ के मालिक हैं देवेंद्र
दाखिल शपथ पत्रों की पड़ताल से पता चला है कि कुल 17 करोड़पतियों में से 13 उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी से हैं, जबकि कांग्रेस के 4 प्रत्याशी इस श्रेणी में शामिल हैं। दोनों दलों के कुल 200 चेहरों में वार्ड क्रमांक 9 से भाजपा के देवेंद्र कुमार शर्मा सबसे धनाढ्य साबित हुए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 12 करोड़ रुपये के आसपास है। इसके उलट, दोनों पार्टियों के 9 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनकी परिसंपत्ति 50 हजार रुपये के आंकड़े को भी नहीं छूती, जिनमें भाजपा के 5 और कांग्रेस के 4 प्रत्याशी शामिल हैं। वाहनों के मामले में वार्ड 51 से भाजपा उम्मीदवार के पास 1.20 करोड़ रुपये के वाहनों का बेड़ा दर्ज है, जबकि वार्ड 79 से पार्टी प्रत्याशी के पास एक दोपहिया गाड़ी तक नहीं है।
धनी और सबसे कम संपत्ति वाले प्रत्याशियों की स्थिति
शीर्ष धनाढ्य उम्मीदवारों में वार्ड 9 से देवेंद्र कुमार शर्मा 12 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद वार्ड 54 से विवेक राजवंशी के पास 5 करोड़ रुपये, वार्ड 19 से राकेश पुटरा के पास 3.5 करोड़ रुपये, वार्ड 85 से अजय कासलीवाल के पास 3 करोड़ रुपये तथा वार्ड 83 से सीमा चौधरी के पास 2 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। वहीं सबसे कम संपत्ति वाले प्रत्याशियों में वार्ड 17 से संजय कुमार सैनी महज 7 हजार रुपये, वार्ड 66 से संदीप सिंह 14 हजार रुपये, वार्ड 18 से दिव्या मीना 15 हजार रुपये, वार्ड 95 से कुलदीप मेहरा 25 हजार रुपये और वार्ड 82 से अमरीन अंसारी 26 हजार रुपये की संपत्ति के साथ चुनावी मुकाबले में शामिल हैं।
80 उम्मीदवारों के पास 25 लाख से अधिक की परिसंपत्तियां
प्रमुख राजनीतिक दलों के 80 प्रत्याशियों ने 25 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। इनमें भाजपा के 51 उम्मीदवार यानी 51 प्रतिशत और कांग्रेस के 29 उम्मीदवार यानी 29 प्रतिशत शामिल हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि दोनों दलों के प्रत्याशियों के आर्थिक स्तर में भी बड़ा अंतर मौजूद है।
100 वार्डों में 373 प्रत्याशी, 14 सीटों पर सीधी भिड़ंत
नाम वापसी के अंतिम क्षणों तक दोनों ही दलों के दिग्गज नेता बगावत पर उतरे कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने में जुटे रहे। वरिष्ठ पदाधिकारियों की मान-मनौव्वल के बाद कई निर्दलीय व बागी उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष जाकर अपने पर्चे वापस लिए। नाम वापसी के उपरांत अब कुल 373 उम्मीदवार मैदान में शेष रह गए हैं। इनमें से 14 वार्ड ऐसे हैं जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, जबकि शेष सीटों पर निर्दलीय और अन्य दावेदारों के चलते मुकाबला त्रिकोणीय व बहुकोणीय रूप ले चुका है।
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