इंदौर हादसा: हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पुलिस कमिश्नर तलब
✍️
जसवंत सिंह राजपूत 
मो. 9981993322
प्रदेश की न्यूज़, जबलपुर 

जबलपुर, 16 सितंबर। इंदौर में सोमवार शाम हुए भीषण ट्रक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कालानी नगर स्क्वॉयर से बड़ा गणपति स्क्वॉयर तक महज दो किलोमीटर की दूरी में बेकाबू ट्रक ने तबाही मचाई। इस घटना में तीन निर्दोष लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 लोग घायल हो गए। घायलों में 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहगीरों और गाड़ियों को कुचलते हुए ट्रक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

इस भयावह हादसे को गंभीर मानते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और सुओ मोटू जनहित याचिका दर्ज कर दी। खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय साराफ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और ऐसी लापरवाही पर जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और प्रशासन की भूमिका पर कठोर सवाल उठाए।

हाईकोर्ट ने इस मामले में इंदौर पुलिस कमिश्नर को प्रतिवादी बनाते हुए कड़ी पूछताछ की। अदालत ने पूछा कि आखिर कैसे इतना भारी वाहन रिहायशी इलाके में पीक ऑवर में घुस गया और बिना रोके करीब दो किलोमीटर तक चलता रहा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए कि पुलिस कमिश्नर शपथपत्र दाखिल कर बताएं कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या रणनीति बनाई जा रही है।

मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2025 को निर्धारित की गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि इस दिन पुलिस कमिश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हों, वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और ठोस सुधारात्मक कदम आवश्यक हैं, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

।। समाचार समाप्त ।।