गौतम गंभीर का अप्रत्याशित कदम, कोलकाता पिच विवाद के बाद मचा हलचल
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच कोलकाता में खेला गया. इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को 30 रनों से हरा दिया था. चूंकि यह मुकाबला मात्र ढाई दिनों में समाप्त हो गया था, इसके कारण ईडन गार्डन्स की पिच और क्यूरेटर की जमकर आलोचना भी हुई. कई सारे क्रिकेट एक्सपर्ट्स और दिग्गज खिलाड़ियों ने पिच की आलोचना की, लेकिन गौतम गंभीर ने सबको चौंकाते हुए पिच का समर्थन किया था.
पिच क्यूरेटर से गले मिले गौतम गंभीर
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाना है. मगर उससे पहले टीम इंडिया ने 18 नवंबर को कोलकाता में वैकल्पिक प्रैक्टिस सेशन किया. इस अभ्यास सत्र के दौरान जब कोच गौतम गंभीर मैदान पर आए, तो वो पिच क्यूरेटर सुजन मुखर्जी से गले मिलते दिखे. इससे पहले गौतम गंभीर ने कोलकाता की पिच और क्यूरेटर मुखर्जी के बचाव में आकर कहा था कि, "हम इसी तरह की पिच चाहते थे. मुझे लगता है क्यूरेटर ने काफी सपोर्ट दिखाया, हम ऐसी ही पिच कंडीशन चाहते थे, मगर जब अच्छा नहीं खेलते तो ऐसे परिणाम आते हैं."
इसके अलावा गंभीर ने यह भी कहा कि पिच कैसी भी रही हो, 124 रनों का टारगेट चेज किया जा सकता था. गंभीर ने टीम इंडिया की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर फोड़ा था. उनका कहना था कि अच्छा डिफेंस और संयम से बैटिंग करके बल्लेबाज रन बना सकते थे. दूसरी ओर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर पिच के संदर्भ में गौतम गंभीर के समर्थन में बयान दे चुके हैं. गावस्कर का कहना था कि पिच में बहुत ज्यादा खराबी नहीं थी और 124 रनों का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था. टीम इंडिया इस लक्ष्य का पीछा करते हुए 93 रनों पर ढेर हो गई थी.
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव