असम में CM योगी का हमला: जनसभा में कांग्रेस-UDF पर साधा निशाना
दिसपुर | यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कांग्रेस ने UDF के साथ मिलकर पहचान का संकट खड़ा किया। ये पहचान का संकट किसी एक क्षेत्र में नहीं था.तुष्टीकरण की नीति पर चलकर इन्होंने असमियां पहचान को पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास किया। इन्होंने घुसपैठियों को घुसाकर असम के सामने पहचान का संकट खड़ा किया.जब पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में सरकार बनी और असम में बीजेपी की सरकार आई पहले सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में और फिर हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जब यहां पर फिर से सरकार बनी तो ये सरकार असम की पहचान को संरक्षित कर ही रही है और असम संगीत, संस्कृति, असम से जुड़े हुए महापुरुष, उनके नायक, महानायक योद्धा को सम्मान मिल रहा है अब असम में विकास देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसने कांग्रेस पार्टी ने केरल में UDF के साथ मिलकर “पहचान का संकट” पैदा किया। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को प्रभावित करने वाला रहा है। योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से असम का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की नीति अपनाकर वहां की मूल “असमिया पहचान” को कमजोर करने की कोशिश की। उनके अनुसार, वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ने ऐसे फैसले लिए, जिनसे स्थानीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं पर प्रतिकूल असर पड़ा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब कोई राजनीतिक दल तुष्टीकरण की नीति अपनाता है, तो वह समाज को बांटने का काम करता है और दीर्घकाल में इससे राष्ट्रीय एकता पर भी असर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए ऐसी नीतियां लागू कीं, जिनसे कुछ खास समुदायों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई, जबकि व्यापक समाज के हितों की अनदेखी हुई। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, असम में अवैध घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दे भी इसी नीति का परिणाम हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारें इसके विपरीत “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर काम कर रही हैं और हर नागरिक की पहचान और अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। योगी ने यह भी दावा किया कि भाजपा ने सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे लोगों में आत्मगौरव की भावना बढ़ी है। उनके बयान को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह विभिन्न राज्यों में चल रही वैचारिक बहस को और तेज करता है। इस मुद्दे पर विपक्ष और अन्य दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।
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