चांदी खरीदने वालों की हुई बल्ले-बल्ले! 13 जुलाई को ₹4300 की बड़ी गिरावट
नई दिल्ली: जियोपॉलिटिकल टेंशन ने एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय बाजारों में सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी का वायदा भाव करीब दो फीसदी तक टूट गया, जिससे प्रति किलोग्राम की कीमत में भारी कमी आई। इसके अलावा इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन और गुडरिटर्न्स जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट में भी घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
वायदा बाजार और हाजिर मांग में चांदी का ताजा हाल
कमोडिटी मार्केट में चांदी का वायदा भाव शुरुआती सत्र में ही चार हजार रुपये से ज्यादा फिसलकर निचले स्तर पर आ गया, जबकि इससे पिछले सत्र में बाजार काफी ऊंचे स्तर पर बंद हुआ था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वायदा बाजार में मुनाफावसूली और कारोबारियों द्वारा की गई बिकवाली के चलते चांदी की कीमतों पर यह दबाव देखने को मिला है। इसके साथ ही हाजिर मांग कमजोर रहने की वजह से भी कीमतों में गिरावट को बढ़ावा मिला है। जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार के कारक तो जिम्मेदार हैं ही, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में चांदी का मौजूदा रेट
देशभर के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में चांदी के भाव में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, पटना और मेरठ जैसे शहरों में चांदी की कीमत लगभग एक समान स्तर पर बनी हुई है। वहीं चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में चांदी के दाम थोड़े ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्रों की बात करें तो डॉलर में कमजोरी की वजह से दिल्ली के सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी आई थी, जिससे शुक्रवार को टैक्स समेत कीमतें काफी बढ़ गई थीं, लेकिन नए हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है।
खरीदारी से पहले शुद्धता और हॉलमार्क की जांच जरूरी
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है। बाजार में नौ सौ निन्यानवे फाइन सिल्वर को सबसे शुद्ध माना जाता है, जिसमें शुद्धता का स्तर लगभग सौ फीसदी के करीब होता है। वहीं दूसरी ओर आभूषण और घरेलू सामान बनाने के लिए सबसे ज्यादा नौ सौ पच्चीस स्टर्लिंग सिल्वर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें शुद्धता का स्तर साढ़े बाणवे फीसदी होता है। ग्राहकों को असली चांदी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए खरीदारी के समय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स हॉलमार्क और शुद्धता के तय निशानों को अनिवार्य रूप से जांचना चाहिए।
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