संसद मार्च को लेकर अलर्ट, दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद; ट्रैफिक में भी बदलाव
नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सुरक्षा चिंताओं के चलते सोमवार को राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश तथा निकास द्वार अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिए हैं। यह कड़ा कदम कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। मेट्रो प्रशासन ने आधिकारिक सूचना साझा करते हुए बताया कि यात्री सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह स्थगित रहेगी।
विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में पुलिस प्रशासन सख्त
शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार इस विरोध मार्च के आयोजन के लिए कोई आधिकारिक स्वीकृति प्रदान नहीं की गई थी। जंतर-मंतर, संसद भवन तथा नई दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में व्यापक बल तैनात कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करते हुए भीड़ एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शिक्षा सुधारों पर अड़े सोनम वांगचुक का अनशन जारी
दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका आमरण अनशन प्रदर्शन के बाद भी जारी रहेगा। उन्होंने अपनी मांग रखते हुए कहा कि वे अपना अनशन केवल तभी तोड़ेंगे जब शासन शिक्षा प्रणाली में आई खामियों और प्रश्नपत्र लीक जैसी गंभीर घटनाओं की आधिकारिक जिम्मेदारी स्वीकार करेगा। इसके अतिरिक्त यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि संसद के भीतर इन मुद्दों को प्रखरता से उठाने का लिखित या मौखिक भरोसा देते हैं, तब भी वे अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।
अस्पताल से वांगचुक ने लगाए गंभीर आरोप
वांगचुक ने संचार माध्यमों के जरिए आरोप लगाया है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से निरुद्ध करके रखा गया है, जहाँ उनकी आवाजाही और संवाद की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया है। उनकी धर्मपत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपील की है कि यदि संसद सदस्य अस्पताल आकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का आश्वासन देते हैं, तो वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर से शुरू हुए इस अनिश्चितकालीन उपवास को विराम दे सकते हैं।
वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट को निशाना बनाने की कोशिश, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों यात्रियों की जान
अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से 10 की मौत, गुजरात में मचा हड़कंप
'सिर्फ गुस्सा नहीं, ठोस कदम जरूरी', शिक्षा मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
निशातपुरा स्टेशन तैयार, 26 जुलाई से तीन ट्रेनों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
CJP हिंसा पर सख्त कार्रवाई, उपद्रवियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR