नई दिल्ली: 'भारत टेक्स-2026' महाधिवेशन में मध्य प्रदेश ने अपने मजबूत टेक्सटाइल और गारमेंट इकोसिस्टम का लोहा मनवाते हुए दुनिया भर के निवेशकों और उद्योगपतियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजे 'मध्य प्रदेश पवेलियन' का दौरा कर राज्य की औद्योगिक प्रगति, नई निवेश नीतियों और कपड़ा क्षेत्र के तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम का जायजा लिया। इस वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री ने देश-विदेश की दिग्गज टेक्सटाइल और परिधान निर्माता कंपनियों के उच्च प्रतिनिधियों से बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक चर्चा की।

देश के बड़े औद्योगिक घरानों के साथ मुख्यमंत्री की सीधी बातचीत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई नामचीन कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट उत्पादक समूहों के प्रमुखों के साथ वन-टू-वन (व्यक्तिगत) बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, मौजूदा इकाइयों के विस्तार, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और निर्यात को बढ़ावा देना रहा। चर्चा के दौरान उद्योगपतियों ने मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल प्रशासनिक नीतियों, भरपूर कच्चे माल (कपास) की उपलब्धता, देश के केंद्र में होने के कारण शानदार कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे की खुलकर तारीफ की और राज्य में निवेश करने की अपनी तीव्र इच्छा जताई।

मध्य प्रदेश की झोली में आए ₹1,592 करोड़ के बड़े निवेश प्रस्ताव

  • रोजगार की बहार: इस वैश्विक आयोजन के दौरान मध्य प्रदेश को विभिन्न राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से कुल ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव (Investments) प्राप्त हुए हैं।

  • हजारों युवाओं को काम: इन बड़े निवेश प्रस्तावों के जमीन पर उतरने से राज्य के लगभग 15,700 से अधिक युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलने का रास्ता साफ होगा। ये सभी प्रस्ताव मुख्य रूप से टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग, धागा निर्माण (स्पिनिंग), गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, इनरवेयर और वैश्विक निर्यात आधारित अपैरल इकाइयों की स्थापना से जुड़े हुए हैं।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री की मौजूदगी में हुई 'राउंड टेबल' बैठक

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित 'टेक्सटाइल सेक्टर राउंड टेबल' बैठक में भी हिस्सा लिया। इस उच्चस्तरीय संवाद में कपड़ा जगत के 100 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक में मुख्य रूप से निर्यात संवर्धन, कामगारों का कौशल विकास, सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग (पर्यावरण अनुकूल निर्माण) और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसे गंभीर विषयों पर गहन विमर्श हुआ। उद्योगपतियों ने राज्य में निवेश को और सरल बनाने के लिए अपने जरूरी सुझाव भी सरकार के साथ साझा किए।

'फार्म टू फैशन' का सबसे मजबूत भारतीय मॉडल बना मध्य प्रदेश

  • ऑर्गेनिक कॉटन में नंबर वन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक मंच पर गर्व से बताया कि मध्य प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कॉटन (जैविक कपास) उत्पादक राज्य है, जो अकेले पूरे देश के कुल ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है।

  • एक छत के नीचे पूरी चेन: राज्य में कपास उगाने (फार्म) से लेकर उसकी जिनिंग, स्पिनिंग, वीविंग, डाइंग, फिनिशिंग और अंत में ब्रांडेड कपड़े (फैशन) तैयार होने तक की पूरी वैल्यू चेन मौजूद है। यही वजह है कि आज मध्य प्रदेश देश में 'फार्म टू फैशन' के सबसे कामयाब मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है।

धार जिले का 'पीएम मित्रा पार्क' बनेगा विकास का नया पावरहाउस

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि धार जिले में 2,158 एकड़ की विशाल भूमि पर आकार ले रहा देश का सबसे बड़ा 'पीएम मित्रा पार्क' कपड़ा उद्योग के भविष्य को बदलने वाला गेमचेंजर साबित होगा। इस मेगा पार्क के लिए अब तक लगभग ₹20,000 करोड़ के बड़े निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं और देश-विदेश की 30 से अधिक नामचीन कंपनियों ने यहाँ अपनी इकाइयां लगाने के लिए जमीन की मांग की है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के पूर्ण होते ही करीब 44,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और कपास से लेकर रेडीमेड कपड़ों के निर्माण की पूरी कड़ियां एक ही परिसर में पूरी होंगी।

देश की सबसे उदार और आकर्षक औद्योगिक नीतियां

कपड़ा और फुटवियर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही रियायतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश की सबसे बेहतरीन औद्योगिक प्रोत्साहन नीतियां लागू हैं। यहाँ निवेश करने वाले उद्यमियों को:

  • पूंजी निवेश पर भारी वित्तीय प्रोत्साहन

  • ब्याज दरों पर सरकारी अनुदान

  • बिजली शुल्क में विशेष छूट और रियायतें

  • भूमि आवंटन प्रीमियम में भारी छूट और स्टाम्प ड्यूटी की 100% प्रतिपूर्ति दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार महिला सशक्तिकरण के तहत महिला रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) के लिए देश-विदेश के निवेशकों को न्योता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संपूर्ण वैश्विक और राष्ट्रीय उद्योग जगत से मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी टेक्सटाइल हब बनाने में भागीदार बनने की अपील की है। उन्होंने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों को आगामी जनवरी 2027 के प्रथम सप्ताह में झीलों की नगरी भोपाल में आयोजित होने वाली भव्य 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि निवेशकों के सहयोग से मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स और फुटवियर सेक्टर में पूरी दुनिया में अपनी एक नई और विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।