भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर जारी भारी सियासी घमासान के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। बीजेपी द्वारा टिकट काटे जाने से नाराज समर्थकों के भारी विरोध प्रदर्शन और बगावत की सुगबुगाहट के बीच, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शनिवार देर शाम अपने गृह नगर डबरा से सीधे राजधानी भोपाल पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण 'डैमेज कंट्रोल' बैठक की। इस बैठक के बाद दतिया में उपजे बगावती सुर पूरी तरह शांत होते दिखाई दे रहे हैं।

"दतिया हम जीत रहे हैं, कार्यकर्ता धैर्य रखें"

मुख्यमंत्री निवास में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक से बाहर निकलने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से सकारात्मक बातचीत की। उन्होंने बगावत की सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा, ”नेताओं के बीच बेहद सारगर्भित और बहुत अच्छी बातचीत हुई है। हमारा एकमात्र लक्ष्य दतिया उपचुनाव जीतना है और दतिया हम निश्चित रूप से जीत रहे हैं। मैं अपने सभी साथियों और कार्यकर्ताओं से अपील करना चाहता हूं कि वे धैर्य और शांति का परिचय दें। धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो रही हैं। 13 तारीख यानी सोमवार को पार्टी उम्मीदवार के नामांकन दाखिले के कार्यक्रम में मैं निश्चित रूप से शामिल रहूंगा।”

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- 'किसी का इस्तीफा स्वीकार नहीं'

नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा सामूहिक इस्तीफे दिए जाने की खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, ”दतिया उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत और मजबूत प्रत्याशी घोषित किया है। मीडिया के माध्यम से मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने भावावेश में आकर इस्तीफे की घोषणा की थी, हालांकि मुझे अभी तक ऐसा कोई लिखित इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन हमारे शीर्ष नेतृत्व का निर्णय स्पष्ट है—सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरना है, इसलिए किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।” उन्होंने आगे जोड़ा कि नरोत्तम मिश्रा पार्टी के बेहद वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं, और पार्टी दतिया का यह चुनाव उन्हीं के मार्गदर्शन और नेतृत्व में लड़कर ऐतिहासिक बहुमत से जीतेगी।

डैमेज कंट्रोल के बाद एकजुटता का संदेश

बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने इस सौजन्य भेंट की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री निवास में हुई संगठनात्मक चर्चा में यह पूरी तरह साफ हो गया कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि है। दतिया उपचुनाव में पार्टी के सभी कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता, उत्साह और अटूट समर्पण के साथ आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को प्रचंड मतों से विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। बीजेपी इस उपचुनाव में एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है।

क्या है दतिया उपचुनाव का पूरा समीकरण?

मुख्य बिंदु विवरण
चुनाव एवं मतगणना तिथि मतदान 30 जुलाई को होगा और वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी।
सीट खाली होने की वजह साल 2023 के चुनाव में विजयी रहे कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में 3 साल की सजा सुनाई, जिसके बाद वे अयोग्य घोषित हो गए।
बीजेपी का दांव पार्टी ने कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर नए और सक्रिय चेहरे आशुतोष तिवारी (पूर्व हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन) को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस की चुनौती कांग्रेस ने दतिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले घनश्याम सिंह को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।

 

शुक्रवार को बीजेपी द्वारा टिकट की घोषणा के बाद दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 को करीब 11 घंटे तक जाम कर भारी आक्रोश जताया था और पुलिस के साथ झड़पें भी हुई थीं। इस अंदरूनी कलह का फायदा उठाने के लिए शिवसेना (UBT) ने भी नरोत्तम मिश्रा को अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने का खुला न्योता दे दिया था। लेकिन, शनिवार रात को मुख्यमंत्री मोहन यादव और संगठन के आला नेताओं के साथ हुई इस रणनीतिक बैठक के बाद, नरोत्तम मिश्रा ने खुद आगे आकर इन सभी कयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।