जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, भाई की गिरफ्तारी को बताया सियासी कार्रवाई
इंदौर। मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस समय प्रमुख विपक्षी दल के प्रदेश मुखिया जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिए जाने का विषय अत्यधिक गर्म हो चुका है। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को सीधे तौर पर सरकार की सोची-समझी दमनकारी नीति करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से प्रेरित है, जहां सत्ता का खुल्लम-खुल्ला दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने सूबे के मुखिया से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि राज्य की स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए और मध्य प्रदेश को प्रतिशोध की राजनीति का अखाड़ा बनने से रोकना बेहद जरूरी है।
निर्दोषों को निशाना बनाने और विपक्ष के परिवारों को डराने का चल रहा खेल
इंदौर में संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जिस मामले को लेकर उनके भाई पर कार्रवाई की गई है, उससे उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। इसके बावजूद केवल डराने-धमकाने के उद्देश्य से उन्हें हिरासत में लिया गया है, जो बेहद निंदनीय है। उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार जानबूझकर विपक्षी नेताओं के साथ-साथ उनके पारिवारिक सदस्यों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि किस प्रकार शासन तंत्र का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों की आवाज को दबाने के लिए एक सुनियोजित हथियार के रूप में किया जा सकता है।
पुराने मामलों की आड़ में छवि धूमिल करने की कोशिश, जांच से पीछे नहीं हटेगा परिवार
पारदर्शिता का हवाला देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व के विवादों पर भी अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि अतीत में उनके भाई पर जो भी कानूनी मुकदमे दर्ज हुए थे, वे पूरी तरह से अन्नदाताओं के अधिकारों के लिए किए गए किसान आंदोलन से संबंधित थे, जिनका आधार विशुद्ध रूप से राजनीतिक था। इसके साथ ही, उन्होंने अतीत की व्यक्तिगत कमियों और नशीले पदार्थों से जुड़े पुराने विवादों पर बेहद ईमानदारी से बात करते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति ने अपनी मानवीय भूलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया हो, तो उसकी सत्यनिष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि उनका परिवार किसी भी निष्पक्ष और वैध जांच का सामना करने से कभी पीछे नहीं हटेगा, और इसी वजह से वे स्वयं निर्भीकता के साथ जनता के सामने अपनी बात रख रहे हैं।
लोकतांत्रिक तरीकों से दमनकारी नीतियों का मुकाबला करेगी कांग्रेस
जीतू पटवारी ने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन द्वारा केंद्रीय अथवा स्थानीय जांच एजेंसियों को एक राजनैतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल करके विपक्ष का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी दमनकारी और तानाशाही कार्रवाई के आगे घुटने टेकने वाली नहीं है और जनता के सहयोग से इसका मुंहतोड़ जवाब पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर दिया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि कानून की व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए, न कि इसे किसी को राजनीतिक रूप से समाप्त करने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
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