दिल्ली-NCR में लगातार तीसरे दिन बारिश का कहर, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
नई दिल्ली:देश की राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार मानसून की बारिश ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन एक बेहद रौद्र रूप अख्तियार कर लिया। इस मूसलाधार बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई मुख्य मार्ग और रिहायशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अप्रत्याशित और भीषण जलभराव के कारण मौसम विभाग के पुराने दावों और पूर्वानुमानों पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, क्योंकि धरातल पर बारिश का असर अनुमान से कहीं ज्यादा भयावह साबित हुआ है।
रिकॉर्डतोड़ बारिश से जलमग्न हुए इलाके
पिछले चौबीस घंटों के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में बादलों ने रिकॉर्डतोड़ दस्तक दी है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में सामान्य से कहीं अधिक पानी बरसा है। सबसे गंभीर स्थिति तुखमीरपुर खुरेजी इलाके में देखने को मिली, जहां महज एक दिन के भीतर ही सबसे ज्यादा 160 मिलीमीटर तक की भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा दिल्ली के अन्य कई प्रमुख रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों में भी पिछले चौबीस से तीस घंटों के दौरान बारिश का कुल आंकड़ा 100 मिलीमीटर के पार पहुंच गया, जिसने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी।
जनजीवन अस्त-व्यस्त और ट्रैफिक जाम
लगातार हो रही इस तेज बारिश के कारण सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे सुबह दफ्तर और बिजनेस के लिए निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गाड़ियां सड़कों पर रेंगती नजर आईं और कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसके चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लगा। निचले इलाकों में स्थित घरों और दुकानों के अंदर भी पानी घुस जाने के कारण संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।
मौसम विभाग का अनुमान और वर्तमान स्थिति
इस भारी और अचानक हुई मानसूनी बारिश ने मौसम विभाग के वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है, क्योंकि उनके द्वारा पहले जारी किए गए अनुमान जमीनी हकीकत से काफी अलग साबित हुए। विभाग को अपनी भविष्यवाणियों के लिए इस बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जनता को इस स्तर की भारी आफत की पहले से कोई सटीक चेतावनी नहीं मिल सकी थी। वर्तमान में जारी इस अनियंत्रित मौसमी परिस्थितियों ने प्रशासन के आपदा प्रबंधन के दावों को भी कड़ी परीक्षा में डाल दिया है।
आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद
हालांकि इस भयंकर जलभराव और भारी आफत के बीच दिल्लीवासियों के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के अनुसार, शुक्रवार से बारिश की इस रफ्तार में उल्लेखनीय कमी आने की पूरी संभावना जताई गई है। आने वाले दिनों में मानसूनी बादल थोड़े कमजोर पड़ सकते हैं, जिससे मौसम एक बार फिर करवट लेगा और वातावरण मुख्यतः शुष्क होने की उम्मीद है, जिससे सड़कों पर जमा पानी को निकालने और जनजीवन को दोबारा पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
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