करौली। पांचना बांध के पानी के बंटवारे को लेकर सोशल मीडिया पर फैली एक भ्रामक और गलत जानकारी के कारण उपजा तनाव अब पूरी तरह शांत होने की दिशा में है। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेडम की त्वरित सक्रियता तथा दोनों पक्षों के साथ मैराथन बैठकों के बाद स्थिति में बड़ा सुधार आया है। देर रात तक चली समझाइश और प्रशासनिक सूझबूझ का सकारात्मक असर धरातल पर दिखने लगा है, जिसके चलते आंदोलनकारियों द्वारा विभिन्न मार्गों पर लगाए गए जाम अब धीरे-धीरे खुलने लगे हैं और जनजीवन पटरी पर लौट रहा है।

अफवाह के चलते सड़कों पर उतरा ग्रामीणों का आक्रोश

पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक संदेश से हुई, जिसमें यह दावा किया गया था कि पांचना बांध का पानी सवाई माधोपुर के क्षेत्रों तक नहीं पहुंचाया जाएगा। इस अपुष्ट खबर के फैलते ही ग्रामीण इलाकों में असंतोष फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई अनर्गल टिप्पणियों ने आग में घी का काम किया, जिससे दूसरा पक्ष भी विरोध में सामने आ गया और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई।

मंत्रियों की कमान और देर रात तक चली वार्ता

हालात बिगड़ते देख राज्य सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने तुरंत मोर्च संभाला। कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेडम ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठकें कीं। दोनों मंत्रियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों पक्षों के प्रबुद्ध जनों और किसान नेताओं को एक मंच पर लाया। देर रात तक चले आपसी संवाद और प्रशासनिक समझाइश के दौर के बाद गतिरोध को तोड़ने में सफलता मिली, जिसके बाद बंद पड़े रास्तों पर दोबारा वाहनों की आवाजाही सुचारू की जा सकी।

संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की पुरजोर अपील

मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने क्षेत्र के सभी किसानों और आम जनता से हर हाल में शांति, धैर्य और पारस्परिक भाईचारा बनाए रखने की भावुक अपील की है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा या चक्काजाम कभी भी किसी समस्या का तार्किक समाधान नहीं हो सकते, इसलिए सभी पक्षों को उग्र प्रदर्शन का रास्ता छोड़कर कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।

भ्रामक सूचनाओं से दूरी और सरकारी प्रतिबद्धता का भरोसा

प्रशासन ने आम लोगों को सचेत किया है कि वे इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तैर रहे किसी भी भड़काऊ या अनधिकृत संदेश पर कतई भरोसा न करें और केवल सरकारी तंत्र द्वारा जारी सूचनाओं को ही सत्य मानें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह कमांड क्षेत्र और कैचमेंट क्षेत्र, दोनों ही तरफ के अन्नदाताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी विवाद को लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाने के लिए आगे आएं और क्षेत्र में सामाजिक समरसता को मजबूत करने में शासन का सहयोग करें।