कोटा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के बीच बुधवार की तड़के एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली दुर्घटना सामने आई है। सुल्तानपुर थाना इलाके के तहत आने वाले जालिमपुरा इंटरचेंज के पास सड़क किनारे खड़ी एक टूरिस्ट मिनी बस को पीछे से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि मिनी बस में सवार पचास वर्षीय एक यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग लहुलूहान हो गए। विडंबना यह है कि यह हादसा ठीक उस दिन हुआ है, जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ इसी एक्सप्रेसवे का सुरक्षा निरीक्षण करने वाले हैं।

महाकाल के दर्शन कर वापस लौट रहे थे दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी

हादसे का शिकार हुई इस टूरिस्ट मिनी बस में करीब तीस यात्री सवार थे, जो मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद वापस दिल्ली लौट रहे थे। प्रारंभिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस बस में सवार अधिकांश लोग दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी और उनके परिजन थे। घायल यात्रियों ने बताया कि कोटा के पास जालिमपुरा इंटरचेंज के नजदीक उनकी बस कुछ देर के लिए रुकी हुई थी, तभी अचानक पीछे से काल बनकर आए डंपर ने उसे उड़ा दिया। टक्कर लगते ही पूरी बस में चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

दर्दनाक हादसे में एक की मौत और कई सहयात्री गंभीर रूप से घायल

इस भीषण भिड़ंत में दिल्ली निवासी पचास वर्षीय चरण सिंह की घटनास्थल पर ही सांसें टूट गईं। वहीं बस में सवार अन्य सहयात्रियों में दिल्ली की कल्पना और गुड्डी, बागपत के ओमबीर तथा नैनीताल की रहने वाली उषा सहित कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए राहत काम शुरू किया और क्षतिग्रस्त बस की खिड़कियां व सीटें तोड़कर फंसे हुए घायल मुसाफिरों को बाहर निकाला। टोल एंबुलेंस के चिकित्साकर्मियों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद नाजुक हालत को देखते हुए कोटा के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।

पुलिसिया कार्रवाई और वीआईपी दौरे से पहले सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

दुर्घटना की भयावहता को देखते हुए सुल्तानपुर थाना पुलिस और एक्सप्रेसवे की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर सक्रिय हुई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर डंपर को कब्जे में लिया और क्रेन की मदद से दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटवाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात को दोबारा सुचारू करवाया। केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित दौरे और वीआईपी निरीक्षण से ऐन पहले हुए इस बड़े हादसे ने एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति, अवैध पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।