धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने खून के रिश्तों को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है। कुरूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोजी में ममता का गला घोंट देने वाला एक खौफनाक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक कलयुगी मां ने अपने ही छोटे बेटे के साथ मिलकर अपने सगे बड़े बेटे की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया, ताकि पूरी घटना एक सामान्य आत्महत्या नजर आए। लेकिन धमतरी पुलिस की पैनी नजरों और आधुनिक वैज्ञानिक जांच के सामने कातिल मां-बेटे का यह खौफनाक खेल ज्यादा देर टिक नहीं सका और पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 जून को ग्राम गोजी में 23 वर्षीय युवक नरसिंग साहू का शव उसके ही घर में फांसी के फंदे पर लटकता हुआ पाया गया था। घटना की शुरुआती सूचना पर यह मामला पहली नजर में पूरी तरह से आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। लेकिन जब कुरूद थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो घटनास्थल की परिस्थितियां और शव की स्थिति को देखकर पुलिस को कुछ गहरा संदेह हुआ। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन किया और फोरेंसिक विशेषज्ञों को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला अंधा कत्ल, सामने आई खौफनाक हकीकत

पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामले में चौंकाने वाले मोड़ आते गए:

  • शराब और पैसों का विवाद: पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मृतक नरसिंग साहू को शराब पीने की गंभीर लत थी। वह आए दिन अपनी मां कमला बाई साहू और छोटे भाई नरेश साहू से शराब पीने के लिए पैसों की मांग करता रहता था। घटना वाले दिन भी नरसिंग ने शराब के लिए मोटी रकम मांगी, जिसका मां और भाई ने कड़ा विरोध किया। इस बात को लेकर घर में भारी विवाद हुआ और बात मारपीट तक पहुंच गई।

  • गला दबाकर हत्या और जहर पिलाना: गुस्से और आक्रोश में आकर मां कमला बाई और भाई नरेश ने मिलकर नरसिंग पर हमला कर दिया। दोनों ने मिलकर पहले हाथों से उसका गला भींचा और फिर एक मोटे नारियल की रस्सी से उसका गला पूरी तरह से घोंट दिया। क्रूरता की हद पार करते हुए, जब आरोपियों को लगा कि नरसिंग शायद अभी जिंदा है, तो उन्होंने उसे जबरन कीटनाशक (जहर) भी पिला दिया ताकि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे।

आत्महत्या का रूप देने की रची गई थी बड़ी साजिश

जब नरसिंग की मौत हो गई, तो कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से दोनों आरोपियों ने मिलकर इस सोची-समझी हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश रची। उन्होंने नरसिंग के शव को घर के भीतर ही फांसी के फंदे पर लटका दिया और गांव में यह अफवाह फैला दी कि नरसिंग ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है।

लेकिन जब शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के हाथ लगी, तो उसमें साफ हो गया कि नरसिंग की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि फंदे पर लटकने से पहले ही गला घोंटने के कारण दम घुटने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक लैब से मिले पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदेह के घेरे में आई मां कमला बाई साहू और भाई नरेश साहू को हिरासत में लिया।

कड़ी पूछताछ में टूट गए आरोपी, भेजे गए जेल

शुरुआत में दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे और रोने का नाटक करते रहे। लेकिन जब पुलिस ने उनके सामने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य रखे और मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं पाए और रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई नारियल की रस्सी, कीटनाशक की बोतल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं।

कुरूद थाना पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने समेत विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। शराब की लत और चंद पैसों के विवाद में एक हंसते-खेलते परिवार के इस खौफनाक अंत ने पूरे गोजी गांव को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस अंधविश्वास और अपराध की दुनिया ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है।