महतारी वंदन योजना अपडेट: अब इस नई तारीख तक करा सकेंगे e-KYC
छत्तीसगढ़: महतारी वंदन योजना के लिए e-KYC की तारीख बढ़ी, अब 30 जुलाई तक सुधारे जा सकेंगे दस्तावेज
रायपुर|छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनी महतारी वंदन योजना को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। योजना का निरंतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य की गई e-KYC (ई-केवाईसी) की अंतिम तिथि को अब आगे बढ़ा दिया गया है।
अब 30 जुलाई तक का समय
प्रशासन ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूर्ण करने की समय सीमा को 30 जून से बढ़ाकर अब 30 जुलाई कर दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि प्रदेश में अब भी बड़ी संख्या में महिलाओं का सत्यापन शेष है। इस अतिरिक्त समय से उन महिलाओं को राहत मिलेगी जो अब तक अपनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई थीं।
सामने आ रही चुनौतियां और समाधान
अभियान के दौरान कुछ स्थानों से तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं भी सामने आई हैं:
-
नि:शुल्क सेवा: कुछ क्षेत्रों से ऑपरेटरों द्वारा पैसे मांगे जाने की शिकायतें मिली हैं, जबकि शासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है।
-
तकनीकी बाधाएं: ग्रामीण इलाकों में सर्वर डाउन होने और शिविरों की कमी के कारण महिलाओं को असुविधा हो रही है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
ई-केवाईसी कराने का सरल तरीका
योजना की पात्र लाभार्थी महिलाएं नीचे दिए गए केंद्रों पर जाकर सत्यापन करा सकती हैं:
-
केंद्र: आंगनबाड़ी केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), वार्ड कार्यालय या ग्राम पंचायत भवन।
-
जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड साथ ले जाना अनिवार्य है।
-
सत्यापन विधि: बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) या आइरिस स्कैन के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
-
मोबाइल लिंक: आपका आधार कार्ड आपके सक्रिय मोबाइल नंबर से जुड़ा होना चाहिए।
विभाग का स्पष्टीकरण
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी गुरप्रीत कौर के अनुसार, सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि समय पर लक्ष्य पूरा हो सके। उन्होंने अपील की है कि किसी भी बिचौलिए या ऑपरेटर को इस काम के लिए कोई भी भुगतान न करें, यह सेवा शासन की ओर से मुफ्त है।
अशोक शर्मा हो सकते हैं साडा अध्यक्ष ?
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में बेटियां सुरक्षित नहीं: रैली में Yogi Adityanath का बड़ा बयान
इंदौर में ‘स्वच्छ इंदौर, स्वस्थ इंदौर महाअभियान 2.0’ की शुरुआत