दार्जिलिंग में पंचकोणीय मुकाबला: भाजपा, TMC और एडवर्ड्स के बीच फंसा चुनावी गणित
सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग की पहाड़ियों में इस बार सियासत का रुख बदल गया है। दशकों तक 'गोरखालैंड' के भावनात्मक मुद्दे पर केंद्रित रहने वाली राजनीति अब प्रशासन, न्यूनतम मजदूरी और जमीन के पट्टे (पर्चा-पट्टा) जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर आ टिकी है। चाय बागान श्रमिकों की मांग अब केवल वादों तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस अधिकारों पर केंद्रित है।
बहुकोणीय मुकाबला और समीकरण:
इस बार मुकाबला केवल दो दलों के बीच नहीं, बल्कि भाजपा गठबंधन, तृणमूल समर्थित अनित थापा, अजय एडवर्ड्स, और वाम-कांग्रेस गठबंधन के बीच पेचीदा हो गया है। सिलीगुड़ी से अलीपुरद्वार तक फैले चाय बागानों के लाखों श्रमिक इस चुनाव में 'किंगमेकर' की भूमिका में हैं। 23 अप्रैल को होने वाला मतदान यह स्पष्ट करेगा कि पहाड़ की जनता भावनाओं को चुनती है या अपने हक और विकास को।
हर कदम पर मिल रही असफलता? अपनाएं ये 5 मंत्र, बदलेगी किस्मत
असहनीय कष्ट में करें हनुमान बाहुक पाठ, बजरंगबली हर लेंगे संकट
नौतपा कब से शुरू? 9 दिन बरसेगी आग, जानें बचने के उपाय
घर में मकड़ी के जाले? तुरंत हटाएं, वरना बिगड़ सकते हैं रिश्ते और धन