आरटीओ की काली कमाई का डिजिटल रास्ता? एमपी ऑनलाइन खातों में करोड़ों के लेनदेन की जांच शुरू
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जसवंत सिंह राजपूत 
प्रदेश की न्यूज़, जबलपुर
मो.9981993322

जबलपुर में आरटीओ के नाम पर चल रही अवैध वसूली का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। आरटीओ की आरक्षक वंदना परतेती पर आरोप है कि उसने 24 सितंबर 2025 को एक बस-ट्रक ड्राइवर से 15 हजार रुपये वसूले और यह रकम सीधे एमपी ऑनलाइन एंड स्टेशनरी के खाते में जमा कराई गई। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए संबंधित एमपी ऑनलाइन संचालक को भी जांच के दायरे में ले लिया है। जरूरत पड़ने पर उस पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, क्योंकि शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन लेनदेन की आशंका सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार आरटीओ जांच के नाम पर ट्रक ड्राइवरों और बस मालिकों से लंबे समय से अवैध वसूली की जा रही थी। हजार-दो हजार रुपये “एंट्री” के नाम पर लेने के साथ-साथ चालान का डर दिखाकर अब ऑनलाइन पैसे भी वसूले जा रहे थे। बताया जा रहा है कि ड्राइवरों को सीधे किसी एमपी ऑनलाइन के नाम पर रकम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता था, जिससे यह पूरा खेल और भी संगठित रैकेट की तरह चलता रहा। इस पूरे मामले में वंदना परतेते का नाम सामने आने के बाद परिवहन विभाग और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब जांच अधिकारी इस पूरे रैकेट की एक-एक परत खोलने में जुट गए हैं। आरक्षक वंदना परतेते के साथ-साथ उससे जुड़े प्राइवेट लोगों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इस अवैध वसूली के पीछे असली सरगना कौन है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह गोरखधंधा कब से चल रहा था, ऑनलाइन पेमेंट किस-किस ने किए और इन पैसों का फायदा किसे पहुंचाया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

।। समाचार समाप्त ।।