नाहरगढ़ जैविक उद्यान में हिमालयन मेहमान ‘हरि-কমला’ का जलवा, पर्यटकों की भीड़
जयपुर। राजस्थान के जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां जैविक उद्यान में अब एक नया और दिलचस्प आकर्षण जुड़ गया है, जिसे देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से लाई गई हिमालयन काले भालुओं की एक खूबसूरत जोड़ी को अब आम दर्शकों के लिए खोल दिया गया है।
मंत्री संजय शर्मा ने किया उद्घाटन
राजस्थान सरकार के वन पर्यावरण एवं विज्ञान मंत्री संजय शर्मा ने भालुओं के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए नए एनक्लोजर के डिस्प्ले एरिया का फीता काटकर इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने नर भालू का नाम 'हरि' और मादा भालू का नाम 'कमला' रखा। ये दोनों नाम अब इस जोड़ी की पहचान बन चुके हैं और पर्यटक इन्हें इसी नाम से जानने लगे हैं।
हरि और कमला की उम्र कितनी?
जैविक उद्यान प्रशासन के मुताबिक, नर भालू हरि की उम्र लगभग ढाई साल यानी करीब 30 महीने है जबकि मादा भालू कमला महज 21 महीने की है। दोनों अभी काफी युवा हैं और अपनी चंचल हरकतों से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं।
बाघ के पांच शावकों को भी मिले नए नाम
इस कार्यक्रम में एक और खास पल आया जब उद्यान में मौजूद बाघ शिवाजी और बाघिन रानी के पांच शावकों का भी नामकरण किया गया। तीन नर शावकों को सूर्या, शौर्य और विजय नाम दिए गए जबकि दोनों मादा शावकों के नाम अम्बे और वृंदा रखे गए। इन नामों से अब पर्यटकों को इन्हें पहचानने और इनसे जुड़ाव महसूस करने में आसानी होगी।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान केवल जानवरों का नामकरण ही नहीं हुआ बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्यान परिसर में पौधे लगाकर हरित अभियान को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में हिमालयन काले भालुओं की इस नई जोड़ी के आने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
राशिफल 7 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कसनिया में 33/11 केवी नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र प्रारंभ
ई-ऑफिस में फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ हो प्रस्तुतिकरण : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा
काशी की पावन धरा पर हुआ उज्जैनी के शौर्य का सूर्योदय
एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, इनसे हैं हम हर हाल में सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव