महिला सब-इंस्पेक्टर की छवि धूमिल करने का प्रयास, SI सरिता पटेल ने भेजा लीगल नोटिस
महिला सब-इंस्पेक्टर की छवि धूमिल करने का प्रयास, SI सरिता पटेल ने भेजा लीगल नोटिस
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जसवंत सिंह राजपूत
प्रदेश की न्यूज़, जबलपुर
मो.9981993322
जबलपुर। बरगी नगर पुलिस चौकी की चौकी प्रभारी एवं सब-इंस्पेक्टर रैंक की महिला पुलिस अधिकारी सरिता पटेल की ओर से उनके अधिवक्ता कृष्ण कांत त्रिपाठी द्वारा दो व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक एवं नागरिक मानहानि, आपराधिक धमकी और कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को लेकर कानूनी नोटिस जारी किया गया है।नोटिस में गंभीर आरोप लगाते हुए सात दिनों के भीतर जवाब और अनुपालन की मांग की गई है।
कानूनी नोटिस के अनुसार 20 जनवरी 2026 की रात लगभग 9:20 बजे पवन सिंह देवक और प्रवीण सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से अवैध रूप से संपर्क कर एक नाबालिग से संबंधित वीडियो भेजे गए तथा मामले को “सुलझाने” के नाम पर दबाव और ब्लैकमेल किया गया। नोटिस में उल्लेख है कि ऐसा न करने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से झूठी शिकायतें करने की धमकी दी गई।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि 23 जनवरी 2026 को आरोपियों द्वारा एक मनगढ़ंत और मानहानिकारक शिकायत की पीडीएफ प्रति साझा कर उसे पुलिस अधीक्षक जबलपुर को सौंपने की धमकी दी गई। अधिवक्ता के अनुसार इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य महिला पुलिस अधिकारी को डराना, मानसिक दबाव बनाना और अवैध लाभ प्राप्त करना था।
आरोप है कि इसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी मध्य प्रदेश, आईजी जबलपुर रेंज, एसपी जबलपुर सहित मीडिया एवं सार्वजनिक मंचों पर शिकायत प्रसारित की गई, जिसमें चौकी प्रभारी पर 25 लाख रुपये रिश्वत लेने, एफआईआर को कमजोर करने और आरोपी को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए, जिन्हें नोटिस में पूर्णतः झूठा और निराधार बताया गया है।
कानूनी नोटिस में कहा गया है कि आरोपियों की इस कार्रवाई से महिला पुलिस अधिकारी की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है और उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। नोटिस के अनुसार यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आपराधिक मानहानि, आपराधिक धमकी, धोखाधड़ी, षड्यंत्र तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
अधिवक्ता कृष्ण कांत त्रिपाठी ने बताया कि यदि सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी, शिकायतों की वापसी और मानहानिकारक सामग्री हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती, तो आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक अभियोजन, दीवानी मानहानि व हर्जाने का दावा तथा अन्य कानूनी कार्यवाही न्यायालय जबलपुर में प्रारंभ की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नोटिस प्राप्तकर्ताओं की होगी।
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