गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली दहलाने की साजिश- सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह से पूर्व देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। हालिया खुफिया इनपुट्स के आधार पर दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बांग्लादेशी आतंकी संगठनों और खालिस्तान समर्थित तत्वों द्वारा बड़ी तबाही मचाने की साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ये आतंकी संगठन देश की राजधानी सहित कई महत्वपूर्ण शहरों को एक साथ निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बार आतंकी साजिश में स्थानीय गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों की भूमिका विशेष रूप से संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि पंजाब और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के सरगना विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेषकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में हैं। आईएसआई द्वारा बांग्लादेशी कट्टरपंथी समूहों और खालिस्तानी तत्वों के बीच तालमेल बिठाकर आंतरिक सुरक्षा पर प्रहार करने की योजना बनाई गई है। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फैले इन गिरोहों का इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और स्लीपर सेल को रसद मुहैया कराने के लिए किया जा सकता है। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कुछ स्लीपर सेल और गैंगस्टरों के गुर्गे विदेशों में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर कट्टरपंथी युवाओं को भड़काने और उन्हें संदिग्ध गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली में बीते वर्ष 10 नवंबर को लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के समीप हुए कार धमाके की घटना को देखते हुए इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। उस हमले में 15 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद से ही राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के घेरे को और मजबूत कर दिया है। जनवरी के पहले पखवाड़े में ही लाल किला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली और प्रमुख मेट्रो स्टेशनों जैसे संवेदनशील इलाकों में चार मॉक ड्रिल आयोजित की जा चुकी हैं। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) को परखना और सुरक्षा बलों की आपसी समन्वय क्षमता को बेहतर बनाना है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के आसपास सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
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