देश के 8 राज्य शीतलहर की चपेट में, अलर्ट जारी कहा- अभी और बढ़ेगी ठंड, 17 तक राहत नहीं
नई दिल्ली। उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड, कोहरे और शीतलहर का कहर लगातार जारी है। बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि पर्वतीय राज्यों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 17 जनवरी तक उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार की सुबह इस सीजन की सबसे सर्द सुबह दर्ज की गई। गिरते तापमान और ठिठुरन को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार रविवार रात को न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरी राजधानी ठिठुरती नजर आई। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान महज 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। पिछले महज चार दिनों के भीतर ही न्यूनतम तापमान में लगभग चार डिग्री की गिरावट आई है।
दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान और बिहार के कई जिलों में कोल्ड डे (शीत दिवस) जैसी स्थिति बनी रही। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, झारखंड और ओडिशा में भी शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पालम जैसे इलाकों में सुबह के वक्त दृश्यता का स्तर गिरकर मात्र 50 मीटर रह गया था, हालांकि दिन में धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री तक पहुंचा, जिससे मामूली राहत महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, रविवार को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शीत दिवस की स्थिति रहने के आसार हैं। विशेषकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 12 से 17 जनवरी के बीच कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है। अब तक दिल्ली में बादलों और कोहरे की चादर के कारण धूप नहीं निकल रही थी, जिससे दिन का तापमान कम था। लेकिन अब बादलों के हटने और आसमान साफ होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है, जो शीतलहर के खतरे को बढ़ा रहा है। अगले एक हफ्ते तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
महिलाओं के लिए कौन सा रुद्राक्ष है सबसे शुभ? जानें धारण करने के सही नियम और फायदे
क्यों Kal Bhairav ने काटा Brahma का सिर? जानें ‘काशी के कोतवाल’ बनने की रहस्यमयी कथा
यूपी की सियासत में नई हलचल: Chirag Paswan ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब