15 दिवसीय हेलमेट जागरूकता अभियान के तहत छात्रों को दी गई यातायात नियमों की जानकारी
15 दिवसीय हेलमेट जागरूकता अभियान के तहत छात्रों को दी गई यातायात नियमों की जानकारी
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जसवंत सिंह राजपूत
मो. 9981993322
प्रदेश की न्यूज़, जबलपुर
जबलपुर। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशानुसार 22 अक्टूबर 2025 से शहर में 15 दिवसीय हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 25 अक्टूबर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक यातायात मालवीय चौक संतोष कुमार शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक यातायात गढ़ा बैजनाथ प्रजापति एवं उप पुलिस अधीक्षक यातायात घमापुर संगीता डामोर के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीमों ने शहर के विभिन्न स्कूलों और संस्थानों में पहुंचकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
अभियान के तहत सूबेदार राहुल सिंह (यातायात मालवीय चौक) एवं उनकी टीम ने अंजुमन इस्लामिया स्कूल में छात्रों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को यातायात नियमों की जानकारी दी। इस दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट धारण करने की अनिवार्यता पर जोर दिया गया तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी साझा की गई। छात्रों को बताया गया कि हेलमेट न केवल कानूनी आवश्यकता है बल्कि यह जीवन की सुरक्षा का कवच भी है।
वहीं, सूबेदार दिनेश शर्मा एवं सउनि दुरपाल सिंह (यातायात घमापुर) ने अपनी टीम के साथ निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल में पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हेलमेट और ट्रैफिक से जुड़े स्लोगन लिखे पंपलेट वितरित किए गए। विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे इन संदेशों को अपने परिवारजनों और मित्रों तक भी पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें।
थाना प्रभारी यातायात गढ़ा हरिकिशन आटनेरे, सूबेदार मनीष प्यासी एवं टीम ने केंद्रीय विद्यालय गढ़ा में छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे जैसे ड्राइविंग लाइसेंस की न्यूनतम आयु क्या है, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग क्यों किया जाता है, सीट बेल्ट लगाने के क्या फायदे हैं आदि। यातायात अधिकारियों ने छात्रों के सभी प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को दूर किया और सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे वाहन चालक जो हेलमेट साथ रखते हैं लेकिन पहनते नहीं, उन्हें प्रेरित किया जा रहा है कि वे हर बार हेलमेट का उपयोग करें। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह समझाया गया कि एक छोटी सी लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर सुरक्षा की भावना जागृत करना है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।
।। समाचार समाप्त ।।
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