रुसी ड्रोन से डरे यूरोपियन देश..................ड्रोन वॉल तैयार करने की तैयारी में, बुलाई अहम बैठक
कोपेनहेगन। दुनिया में युद्ध के तरीके अब बदल रहे हैं। कभी तोप, बंदूक और टैंकों से जो जंग हुआ करती थी, उस जंग में अब ड्रोन वारफेयर ने जगह ले ली है। ईरान, रूस और तुर्की जैसे देशों ने ड्रोन के मामले में बढ़त हासिल की है। अहम बात है कि ड्रोन वारफेयर में लागत कम है और टारगेट पर सीधा हमला करके सफलता मिलने के चांस अधिक हैं। लेकिन अब ड्रोन वारफेयर से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोप में ड्रोन को लेकर खौफ का आलम है।
दरअसल यूरोपियन यूनियन की चिंता की बात यह है कि कुछ दिनों पहले ही रूसी ड्रोन पोलैंड के आसमान में दिखाई दिए थे। पोलैंड नाटो देश है, फिर भी उसके यहां इस तरह रूसी ड्रोन दिखाने से हलचल मच गई थी। इसके अलावा एस्टोनिया और रोमानिया ने भी शिकायत की है कि उनके आसमान में रूसी ड्रोन दिखाई दिए है। इसके बाद रूस की सीमा से लगते बुल्गारिया, एस्टोनिया, हंगरी,लातविया, लिथुआनिया, रोमानिया, पोलैंड, स्लोवाकिया, डेनमार्क और फिनलैंड जैसे देशों ने वार्ता की। इस मीटिंग में तय हुआ कि हमें ड्रोन वॉल तैयार करनी होगी। अब सवाल है कि यह ड्रोन वॉल क्या होगी और कैसी होगी।
जिस ड्रोन वॉल की बात की जा रही है, वह ऐंटी ड्रोन तकनीकों का तैनात होना है। ऐसी तकनीक से ड्रोन के प्रवेश पर सिस्टम तुरंत अलर्ट होगा और उन्हें माकूल जवाब मिलेगा। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन के सभी सदस्य देशों के बीच डेटा शेयरिंग को लेकर सहमति होगी। इसके तहत सभी देश एक-दूसरे को बताएंगे कि ड्रोन एंट्री कर रहा है या फिर उसकी स्थिति क्या है।
नाटो के महासचिव मार्क रुट का कहना है कि हमें अपने आसमान को सुरक्षित रखना होगा। इसके लिए ड्रोन वॉल हमारी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम अरबों डॉलर की रकम मिसाइलों की खरीद पर नहीं लगा सकते। ड्रोन का जवाब मिसाइल से नहीं दिया जा सकता। इसलिए हम ड्रोन वॉल के प्रस्ताव पर बात कर रहे हैं। इसके लिए रकम भी कम खर्च होगी।
Tamil Nadu Elections 2026: BJP की पहली लिस्ट जारी, 27 उम्मीदवार घोषित, अन्नामलाई बाहर
बस से उतरते ही दर्दनाक हादसा, टायर के नीचे आया मासूम
बिलासपुर में हाई कोर्ट के वकील से 3 करोड़ की ऑनलाइन ठगी
केरल में पीएम मोदी का तीखा हमला: ‘अब गांधी वाली कांग्रेस खत्म
CM भजनलाल ने उठाया 181 हेल्पलाइन फोन, खुद सुनी जनता की शिकायतें