कोर्ट में पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले वकीलों को, अब जाना होगा जेल

इंदौर।
इंदौर जिला कोर्ट ने एक अहम फैसले में उज्जैन के पांच वकीलों को जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने चार वकीलों को 7-7 साल का सश्रम कारावास और 90 वर्षीय बुजुर्ग वकील सुरेंद्र शर्मा को 3 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी को 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी अदा करना होगा। यह पहला मौका है जब एक साथ पांच वकीलों को जिला अदालत से सजा सुनाई गई है।

घटना 2009 की

10 फरवरी 2009 को उज्जैन जिला अदालत परिसर में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पटेल पर हमला किया गया था। आरोप है कि धर्मेंद्र शर्मा और शैलेंद्र शर्मा (दोनों सुरेंद्र शर्मा के बेटे), भवेंद्र शर्मा और पुरुषोत्तम राय (जूनियर वकील) ने अपने पिता सुरेंद्र शर्मा के साथ मिलकर पटेल पर कुर्सी, लाठी, छड़ और डंडों से हमला किया। इस दौरान पटेल की रिवॉल्वर, चेन और घड़ी भी लूट ली गई थी।

हमले में गंभीर रूप से घायल पटेल को पहले उज्जैन के संजीवनी अस्पताल और बाद में इंदौर के गोकुलदास अस्पताल में करीब 15 दिन भर्ती रहना पड़ा था।

दबाव और दखलअंदाजी

मामले की सुनवाई उज्जैन में शुरू हुई, लेकिन आरोपियों के दबदबे के चलते हाईकोर्ट ने इसे इंदौर ट्रांसफर कर दिया। आरोप है कि आरोपी वकील सुनवाई प्रभावित करने और जजों के तबादले तक की कोशिशें करते रहे। इसके बावजूद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया ने सभी आरोपियों को दोषी पाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा

फैसले के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा और गगन बजाड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इस दौरान वरिष्ठ अभिभाषक राजेंद्र समदानी, राहुल विजयवर्गीय, कनिष्क शर्मा और विजय गोविन्दानी भी मौजूद रहे।