सिंगरौली में आदिवासियों का हुंकार – सरकार और उद्योगपतियों से सीधी लड़ाई का ऐलान
सिंगरौली। किसान संघर्ष समिति ने "आदिवासी बचाओ-गांव बचाओ आंदोलन" को तेज करते हुए रविवार को दुधमनियां तहसील कार्यालय के सामने जनसभा और जनाक्रोश रैली का आयोजन किया। इस दौरान समिति ने सरकार और उद्योगपतियों पर सीधे निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उद्योगपतियों के माध्यम से गांव उजाड़ने का आरोप
कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक सिंह पैगाम ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के जरिए चितरंगी वनांचल क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों को उजाड़ रही है। दुधमनियां तहसील के बडगड़, बसनिया, डाला, कपुरदेई, सकेती, पिपरवान और कुसाही समेत सात गांवों की करीब 1282 हेक्टेयर जमीन बिना अनुमति अधिग्रहित की जा रही है।
मंत्री के घर घेराव की चेतावनी
पैगाम ने कहा कि यदि शीघ्र ही आदिवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मंत्री राधा सिंह के घर का घेराव किया जाएगा। वहीं समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिव सिंह ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो दुधमनियां में स्थायी मोर्चा लगाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपा, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री तक पहुंचाई आवाज
जनाक्रोश रैली के बाद हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कलेक्टर के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि मांगे न मानने पर आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
प्रदेश स्तर तक हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखु, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ए.के. खान, प्रदेश सचिव संत कुमार पटेल और अन्य नेताओं ने किया। कार्यक्रम को विभिन्न जन संगठनों और इंडिया गठबंधन के नेताओं का भी समर्थन मिला।
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