पत्रकार के घर पर सूअर बम से हमला: 30 दिन बाद भी माढ़ोताल पुलिस खाली हाथ, भय और आक्रोश का माहौल

 

जबलपुर, 19 जून 2025 – पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित, कटंगी रोड करमेता में एक पत्रकार के घर पर 18 मई 2025 की रात करीब 3:00 बजे तीन अज्ञात बदमाशों ने सूअर बम फेंककर दहशत फैलाने का प्रयास किया।

इस घटना से न सिर्फ पीड़ित पत्रकार बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। बताया गया है कि इस घटना की FIR दिनांक 20 मई 2025 को माढ़ोताल थाने में दर्ज की गई थी, लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद भी (19 जून 2025 तक) आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

👉सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं
पीड़ित पत्रकार ने बताया कि उनके द्वारा स्टार सिटी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्पष्ट फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है, जिसमें आरोपी साफ तौर पर भागते हुए नजर आ रहे हैं। बावजूद इसके, मामले की जांच कर रहे ASI अशोक राय ने यह कहकर मामले को टालने का प्रयास किया कि "रात होने के कारण आरोपी कैमरे में स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं।"

👉मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं लोग
पत्रकार एवं उनके परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से वे 24 घंटे मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इलाके के अन्य नागरिकों में भी डर का माहौल है, क्योंकि घटना का कोई सुराग अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

👉जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज और उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।