प्लांट परिसर में हुआ फाल्ट, गंगा में गया 25 करोड़ लीटर से ज्यादा पानी
कानपुर में गुरुवार को बारिश के दौरान गुल हुई जाजमऊ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बिजली शुक्रवार देर रात तक नहीं तक नहीं जुड़ पाई। इस वजह से 25 करोड़ लीटर से ज्यादा गंदा पानी गंगा में बहा। जल निगम के अधिकारी विद्युत आपूर्ति बहाल कराने या जनरेटर चलवाने के बजाय मामला दबाने की कोशिश करते रहे। जाजमऊ स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में 130 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली), 43 एमएलडी और 36 एमएलडी क्षमता के प्लांट संचालित होते हैं।
इनमें रोज 150 एमएलडी (15 करोड़ लीटर) से ज्यादा पानी शोधित किया जाता है, पर इस प्लांट की बिजली 19 जून को गुल हो गई थी। इनमें से 130 एमएलडी और 43 एमएलडी प्लांटों का संचालन व रखरखाव जल निगम (ग्रामीण) केआरएमपीएल कंपनी से कराती है। 36 एमएलडी प्लांट का संचालन जल निगम (शहरी) ठेकेदार से कराता है।
देर रात तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा
बिजली गुल होने के बाद जनरेटर न चलने से उनमें गंदा पानी भरने लगा। जनरेटर भी न चलने से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर चोर नाले से गंगा में जाने लगा। शुक्रवार को देर रात तक प्लांट से गंदा पानी गंगा में जाता रहा। केस्को के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि जल निगम के प्लांट परिसर में फाल्ट है। केस्को का गैंग लगा है। उन्होंने देर रात तक वहां विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा किया।
जाजमऊ एसटीपी में 21 जून को टीम भेजकर प्लांट संचालन की जांच कराई जाएगी। नियमानुसार कार्रवाई करूंगा। -अजीत, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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